शहडोल। स्थानीय यूआईआईटी-आरजीपीवी (UIT-RGPV) परिसर में शुक्रवार को महान जननायक और आदिवासी समाज के प्रेरणास्रोत बिरसा मुंडा जयंती को ‘आदिवासी गौरव दिवस’ के रूप में बड़े उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान में विविध सांस्कृतिक एवं सृजनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
जयंती समारोह के दौरान, विद्यार्थियों ने बिरसा मुंडा जी के जीवन और उनके संघर्षों पर आधारित कई गतिविधियाँ प्रस्तुत कीं। इनमें ओजस्वी भाषण, प्रेरणादायक गीत, रचनात्मक वॉल पेंटिंग, और सशक्त नाट्य प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने बिरसा मुंडा के समाज सुधार और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके अमूल्य योगदान के संदेशों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आदिवासी गौरव दिवस की भावना को प्रबल करना और युवा पीढ़ी को उनके महान योगदान से प्रेरित करना था।
मुख्य अतिथियों ने दी प्रेरणा
समारोह के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के संचालक डॉ. पंकज जैन थे। उन्होंने अपने संबोधन में बिरसा मुंडा जी के असाधारण जीवन, उनके नेतृत्व कौशल और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को आह्वान किया कि वे बिरसा मुंडा के आदर्शों से प्रेरणा लें और समाज सेवा के कार्यों के लिए सक्रिय रूप से आगे बढ़ें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक प्राध्यापक गोपाल प्रसाद मानिकपुरी ने की। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस तरह के आयोजन छात्रों में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जागरूकता की भावना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पूरे आयोजन ने UIT-RGPV परिसर में एक सांस्कृतिक उत्सव का माहौल बना दिया और विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार किया। इस दौरान डॉ पी एल वर्मा, अमिताभ मिश्रा,आशीष खरे,पुनीत शर्मा,अनुज शर्मा सहित छात्र, छात्राएं एवं स्टाफ मौजूद रहा।











