
मानदेय को तरसे जनपद पंचायतों के कर्मचारी, योजनाओं का बोझ कंधों पर और जेब खाली
शहडोल। मध्य प्रदेश की जनपद पंचायतों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर, बीसी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, उपयंत्री और रोजगार सहायकों के सामने इन दिनों आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। आरोप है कि कई जिलों में कर्मचारियों को महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उनके सामने परिवार चलाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। एक ओर प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं, विकास कार्यों और उनके प्रचार-प्रसार पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं योजनाओं को जमीनी स्तर पर अमल में लाने वाले कर्मचारी अपने वेतन










