
‘बाउंड्रीवॉल’ में दबी गरीब की मजदूरी, सचिव के पास शादी और गमी के लिए पैसे, पर मेहनत के भुगतान के लिए ‘दिमाग खराब’
शहडोल। सरकारी तंत्र में बैठे कुछ रसूखदार किस कदर संवेदनहीन हो सकते हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण जनपद पंचायत बुढ़ार के ग्राम पंचायत चकौडिया में देखने को मिला है। यहाँ एक गरीब ग्रामीण, रामसहोदर यादव, पिछले 5 सालों से अपनी मेहनत के ₹24,000 रुपये के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है, लेकिन सचिव महोदय के पास बहानों की लंबी फेहरिस्त है। पारिवारिक आयोजनों का बहाना और अब सीधे धमकी आवेदक रामसहोदर यादव ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2020-21 में पंचायत भवन की बाउंड्रीवॉल निर्माण के दौरान उन्होंने अपने ट्रैक्टर



















