
विज्ञापनों में ‘संजीवनी’, हकीकत में …?, पीआर स्टंट के पीछे कराहता आम मरीज़
शहडोल। जब विज्ञापन,पोस्टर,बैनर से किसी निजी अस्पताल के ‘त्याग’, ‘तपस्या’ और ‘मानवता’ के बखान से पूरे जिले और संभाग को रंग दिए जाएं, तो समझ लीजिए कि पर्दे के पीछे मुनाफे की कोई बड़ी पटकथा लिखी जा चुकी है। हाल ही में शहडोल संभाग के एक तथाकथित ‘सुपर स्पेशलिटी’ अस्पताल ने अपनी 5 वर्ष की यात्रा को भुनाने के लिए पूरे-पूरे पन्ने के विज्ञापन छपवाए हैं, जिनमें संतों के आशीर्वाद से लेकर माननीयों तक के प्रशस्ति पत्र शामिल हैं। लेकिन इन चमकते पन्नों के ठीक पीछे, अस्पताल के रिसेप्शन, आईसीयू













