
स्वास्थ्य या कारोबार? निजी अस्पतालों की बाढ़, बदहाल मेडिकल कॉलेज और व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल
शहडोल। शहडोल संभाग, जहां अधिकांश आबादी ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से आती है, वहां स्वास्थ्य सेवाएं आज सबसे बड़ा प्रश्न बन चुकी हैं। एक ओर करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज है, जिसे पूरे संभाग के लिए आधुनिक चिकित्सा का केंद्र माना गया था। दूसरी ओर शहर में पिछले कुछ वर्षों में निजी अस्पतालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सवाल यह है कि क्या यह वृद्धि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का संकेत है या सरकारी व्यवस्था की कमजोरियों का परिणाम? मेडिकल कॉलेज, उम्मीदें बड़ी, सुविधाएं अधूरी?













