
NEP के नाम पर ‘कोरमपूर्ति’, विषय राजनीति विज्ञान का, पढ़ा रहे व्यक्तित्व विकास; बॉटनी के प्रोफेसर ले रहे डिजिटल मार्केटिंग का प्रैक्टिकल
शहडोल। देश और प्रदेश में उच्च शिक्षा का स्तर सुधारने और छात्र-छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शहडोल संभाग में केवल ‘कागजी कोरम’ बनकर रह गई है। नीति के तहत छात्र-छात्राओं के कौशल विकास के लिए डिजिटल मार्केटिंग, व्यक्तित्व विकास, पर्यटन, मेडिसिनल प्लांट्स और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट जैसे बेहद तकनीकी व व्यावहारिक वोकेशनल कोर्स शुरू तो कर दिए गए, लेकिन इन्हें पढ़ाने और परीक्षा लेने के लिए ‘विशेषज्ञों’ के बजाय कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय रामभरोसे काम चला रहे हैं। उमरिया कॉलेज का हाल,राजनीति के













