शहडोल। जिले में बेलगाम दौड़ते भारी वाहन और परिवहन विभाग की अनदेखी अब मासूम स्कूली बच्चों के लिए काल बनने लगी है। ताजा मामला सोहागपुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ ‘नफीस ट्रेवल्स’ की एक बस ने लापरवाही पूर्वक चलाते हुए बच्चों से भरी ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन छात्राएं घायल हुई हैं, जिन्हें राहगीरों की मदद से बचाया गया।
रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर
सोमवार सुबह करीब 8:00 बजे, ग्राम बरका निवासी नीरज नायक अपनी ऑटो (MP18R2795) में ‘टाइम पब्लिक स्कूल’ के बच्चों को लेकर जा रहे थे। जैसे ही वे आभार पेट्रोल पंप के पास पहुँचे, गोहपारू की तरफ से आ रही नफीस ट्रेवल्स की बस (MP65ZC8014) के चालक ने तेजी और लापरवाही से वाहन चलाते हुए ऑटो को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो सड़क पर ही पलट गई।
हादसे में घायल मासूम
उन्नति नामदेव (10 वर्ष), दाहिने हाथ की कलाई में चोट।
भूमि शर्मा (11 वर्ष), दाएं पैर की एड़ी में चोट।
प्रतीक्षा गौतम (11 वर्ष), बाएं पैर की पिडली में गंभीर चोट।
परिवहन और यातायात विभाग की चुप्पी पर सवाल
यह हादसा कोई इकलौती घटना नहीं है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिले में परिवहन और यातायात विभाग पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुका है।
नियमों की धज्जियां, बस चालक अक्सर ओवरस्पीडिंग और ओवरटेकिंग के नियमों को ताक पर रखकर वाहन चलाते हैं।
विभाग की अनदेखी, सड़कों पर बिना फिटनेस और परमिट के दौड़ते रफ़्तार का कहर और प्रशासन की लापरवाही, मासूमों की जान से खिलवाड़ वाहनों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
आम आदमी त्रस्त, आए दिन होने वाले इन हादसों और विवादों ने आम जनता के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है।
सरेआम उड़ रही हैं नियमों की धज्जियां
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस चालक जिस तरह से वाहन चला रहा था, वह किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा था। अगर राहगीर समय पर मदद के लिए नहीं पहुँचते, तो एक बड़ी जनहानि हो सकती थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन सवाल वही है कि क्या प्रशासन इन रफ़्तार के सौदागरों पर नकेल कसेगा?
Author: सुभाष गौतम
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