शहडोल। सोहागपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत श्यामडीह खुर्द इन दिनों बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की संवेदनहीनता का दंश झेल रही है। पंचायत प्रबंधन का दावा है कि बिजली बिल का भुगतान समय पर कर दिया गया है, इसके बावजूद विभाग के कर्मचारियों ने पंचायत भवन का बिजली कनेक्शन काट दिया है।
जिम्मेदार नहीं उठा रहे फोन, कर्मचारी झाड़ रहे पल्ला
हैरानी की बात यह है कि जब पंचायत प्रतिनिधियों ने इस संबंध में विभाग के कर्मचारियों से संपर्क किया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से पल्ला झाड़ते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने की सलाह दी। वहीं दूसरी ओर, पंचायत का आरोप है कि जब वरिष्ठ अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराने के लिए फोन किया जाता है, तो वे कॉल रिसीव करना भी मुनासिब नहीं समझते। विभाग के इस अड़ियल रवैये के कारण सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा है।
भीषण गर्मी और महत्वपूर्ण बैठक के बीच विभाग की ‘शॉर्ट सर्किट’ मानसिकता
एक तरफ जहां प्रदेश में पारा चढ़ रहा है और भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत श्यामडीह खुर्द में दो दिवसीय ‘पेशा एक्ट’ की महत्वपूर्ण सेक्टर स्तरीय बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में जनपद और जिला स्तर के कई आला अधिकारियों को शामिल होना है। बिजली न होने के कारण इस महत्वपूर्ण बैठक के आयोजन पर काले बादल मंडरा रहे हैं।
ग्रामीणों और पंचायत प्रशासन में आक्रोश
पंचायत भवन जैसे सार्वजनिक और प्रशासनिक केंद्र की बिजली काटना, वह भी बिल जमा होने के बाद, सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया और सुचारू व्यवस्था की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग के अधिकारी जमीनी हकीकत से मुंह मोड़े हुए हैं।
अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशित होने के बाद क्या बिजली विभाग अपनी नींद से जागता है या अधिकारी इसी तरह जनता और जनप्रतिनिधियों के फोन को अनदेखा करते रहेंगे।
Author: सुभाष गौतम
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