शहडोल। ग्राम पंचायत भुरसी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की खसरा नंबर 1391/1 की कुल 6 एकड़ 31 डिसमिल आरक्षित शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और विवाद के चलते बीते एक दशक से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कमिश्नर कार्यालय एवं जनसुनवाई में ग्रामीणों द्वारा बार-बार आवेदन देने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
शासकीय भूमि पर अतिक्रमण
विद्यालय हेतु सुरक्षित 6 एकड़ 31 डिसमिल भूमि पर कुछ व्यक्तियों द्वारा कच्चा-पक्का निर्माण कर अवैध कब्जा कर लिया गया है तथा इस भूमि पर खेती भी की जा रही है।
2012-13 से अधूरा पड़ा निर्माण कार्य
वर्ष 2012-13 में विद्यालय के लिए नवीन भवन स्वीकृत किया गया था। भवन का निर्माण कार्य छत ढलने के स्तर तक पहुँच चुका था, तभी विवाद के कारण काम रोक दिया गया, जो आज तक अधूरा पड़ा है।
मुआवजा निर्धारण के बाद भी गतिरोध
अवधेश कुमार गुप्ता द्वारा अर्द्धनिर्मित भवन की भूमि पर स्थगन लिया गया था, जिस पर जिला न्यायालय शहडोल ने मुआवजा राशि देने के निर्देश दिए थे। एसडीएम जयसिंहनगर एवं जिला पंजीयन कार्यालय द्वारा मुआवजा राशि निर्धारित किए जाने के बाद भी संबंधित व्यक्ति राशि लेने हेतु सहमत नहीं हुआ, जिससे गतिरोध बना हुआ है।
शासकीय जमीन का निजी उपयोग
आवेदन पत्र के अनुसार, संबंधित व्यक्ति द्वारा शासकीय भूमि पर अपना मकान बनाया गया है, सागौन के पेड़ लगाए गए हैं और खेती की जा रही है।
600 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित
आदिवासी अंचल के इस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में लगभग 600 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। पर्याप्त जगह न होने और विवादित भवन के कारण बारिश के मौसम में पठन-पाठन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय भूमि से तत्काल अवैध कब्जा हटाकर अधूरे पड़े विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए।













