शहडोल। अपनी कर्तव्यनिष्ठा, सादगी और जनता से गहरे लगाव के लिए पहचाने जाने वाले एसडीओ प्रशांत लगारखा 41 वर्ष, 2 माह और 7 दिन की लंबी एवं निष्कलंक शासकीय सेवा पूर्ण कर 30 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। गोहपारू जनपद में आयोजित एक गरिमामय व भावुक कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, उपयंत्रियों, कर्मचारियों एवं क्षेत्र की जनता ने उन्हें आत्मीय सम्मान देकर विदाई दी।
सहज स्वभाव और उत्कृष्ट कार्यशैली की बनाई पहचान
प्रशांत लगारखा की पहचान एक अत्यंत ईमानदार, सहज और सरल स्वभाव के अधिकारी की रही है। अपने पूरे सेवाकाल के दौरान उन्होंने कभी दबाव की राजनीति या कठोरता के बजाय सहयोग की भावना से काम किया। वे हमेशा अपने मातहतों को साथ लेकर चलते थे और उनका मनोबल बढ़ाकर उनसे बेहतर काम लेते थे। यही वजह है कि वे जिस भी क्षेत्र में पदस्थ रहे, वहां की जनता से उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव रहा।
चितरंगी से शुरू हुआ 41 साल का सफर
श्री लगारखा ने 23 जुलाई 1985 को शासकीय सेवा में कदम रखा था। उनके सेवा सफर की शुरुआत सीधी जिले की चितरंगी जनपद से हुई। इसके बाद उन्होंने रीवा जिले के गंगेव, सतना जिले के नागौद, अमरपाटन व मैहर, और पुनः रीवा के सिरमौर में अपनी सेवाएं दीं। शहडोल जिले के बुढ़ार में उन्होंने उपयंत्री के रूप में उत्कृष्ट कार्य किया।
पदोन्नति के बाद जबलपुर जिले की सिहोरा जनपद में उन्होंने एसडीओ का पदभार संभाला। इसके बाद वे लगातार शहडोल जिले के गोहपारू, जयसिंहनगर, बुढ़ार और अंत में पुनः गोहपारू जनपद में एसडीओ के रूप में अपनी सेवाएं देते हुए आज सेवानिवृत्त हुए।
जनप्रतिनिधियों और सहकर्मियों ने किया सम्मानित
गोहपारू जनपद परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, उपयंत्रियों और कार्यालयीन कर्मचारियों ने उन्हें शॉल, श्रीफल व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। वक्ताओं ने उनके कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि श्री लगारखा का मार्गदर्शन और उनका सौम्य व्यवहार हमेशा याद रखा जाएगा। कार्यक्रम के अंत में क्षेत्र की जनता और सहकर्मियों ने उन्हें स्वस्थ, दीर्घायु और सुखद उत्तर-प्राप्त जीवन की शुभकामनाएं दीं।













