शहडोल। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना’ जहां गरीब और मध्यमवर्गीय महिलाओं को आर्थिक संबल देने के लिए बनाई गई है, वहीं शहडोल जिले के बुढार जनपद में सरकारी कर्मचारी ही इस योजना में सेंधमारी कर रहे हैं। ताजा मामला ग्राम पंचायत गोडिंनबुडा का है, जहां पदस्थ सचिव भूलेश्वर यादव की पत्नी योजना की पात्रता न रखते हुए भी लाभ ले रही हैं।
नियमों की सरेआम धज्जियां
योजना के स्पष्ट नियम हैं कि यदि परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी है या आयकर दाता है, तो वह लाभ का पात्र नहीं होगा। इसके बावजूद, सचिव भूलेश्वर यादव ने कथित तौर पर अपने प्रभाव और मित्र पंचायत सचिव के साथ साठगांठ कर अपनी पत्नी को इस योजना का हितग्राही बना दिया। पोर्टल पर दर्ज जानकारी के अनुसार, आवेदन क्रमांक 14975306 (प्रेमवती यादव) का भुगतान सक्रिय है, जबकि पति सरकारी सेवा में कार्यरत हैं।
प्रशासनिक मिलीभगत या बड़ी लापरवाही?
हैरानी की बात यह है कि जनपद और जिला स्तर के आला अधिकारी इस ‘अंधेरगर्दी’ से पूरी तरह अनजान बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रसूख के दम पर अपात्रों के नाम सूची में डाले गए हैं, जिससे पात्र और जरूरतमंद महिलाएं वंचित रह जाती हैं।
उठ रहे सवाल
अब देखना यह होगा कि मामला उजागर होने के बाद जिला प्रशासन और बुढार जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इस पर क्या कार्रवाई करते हैं। क्या सचिव से अब तक ली गई राशि की रिकवरी की जाएगी? या फिर जांच की फाइलों में इस भ्रष्टाचार को दबा दिया जाएगा?
Author: सुभाष गौतम
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