शहडोल। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर स्थित शिक्षा संस्कार वाटिका, गोहपारू में शिक्षा, भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण एवं सनातन परंपराओं के समन्वय से एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आम उपनयन संस्कार, स्कूल चले हम अभियान, पीएम जनमन, वृक्षारोपण महाअभियान, प्रवेश उत्सव, जनप्रतिनिधि-शिक्षक सम्मेलन एवं श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जे पी यादव संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, शहडोल संभाग रहे, जबकि अध्यक्षता आनंद राय सिन्हा सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग शहडोल ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभात फेरी एवं मंगल कलश यात्रा से हुआ। शिक्षा संस्कार वाटिका से प्रारंभ हुई यात्रा दुर्गा मंदिर एवं बस स्टैंड मार्ग से होते हुए गाजे-बाजे और जयघोष के साथ निकाली गई। यात्रा में विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। पूरे मार्ग में शिक्षा जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण तथा धार्मिक नारों से वातावरण गुंजायमान रहा।
इसके उपरांत शिक्षा संस्कार वाटिका में रोपित 21 आम के पौधों का वैदिक रीति-रिवाजों के साथ उपनयन संस्कार संपन्न कराया गया। काशी से पधारे आचार्य देवेन्द्र दास जी महाराज एवं विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संस्कार सम्पन्न कराया। इस अनूठे आयोजन के माध्यम से वृक्षों को संस्कृति, जीवन और भविष्य की धरोहर के रूप में संरक्षित करने का संदेश दिया गया।
द्वितीय सत्र में स्कूल चले हम अभियान, पीएम जनमन एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान प्रवेश उत्सव के माध्यम से नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया गया तथा शिक्षा के महत्व पर विशेष बल दिया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को साइकिल एवं पुस्तकों का वितरण कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि एवं अध्यक्षीय उद्बोधन में वक्ताओं ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा, संस्कृति और समाज को एक सूत्र में जोड़ने का यह प्रयास अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय परंपराओं को सशक्त करने के साथ-साथ सामाजिक समरसता एवं सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
कार्यक्रम के तृतीय सत्र में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा व्यास आचार्य देवेन्द्र दास जी महाराज (काशी) ने सरल एवं भावपूर्ण शैली में कथा का वाचन करते हुए धर्म, सेवा, करुणा, गुरु-शिष्य परंपरा एवं भारतीय जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
आयोजन में जनप्रतिनिधियों, जिला समन्वयकों, शिक्षक संघ पदाधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, बीआरसी, बीएसी, सीएसी, शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्राचार्यों, अधीक्षकों, अभिभावकों तथा जनजातीय कार्य विभाग एवं समग्र शिक्षा अभियान के कर्मचारियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यालयीन स्टाफ एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का योगदान भी सराहनीय रहा।
अंत में ललित पाण्डेय विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं उपस्थित जनसमुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उपस्थित विद्यार्थियों, श्रद्धालुओं एवं नागरिकों ने आयोजन को शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति का अनुपम संगम बताते हुए इसकी सराहना की।
Author: सुभाष गौतम
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