शहडोल। शारीरिक चुनौतियां अगर हौसलों के आड़े नहीं आतीं, तो प्रतिभा खुद-ब-खुद चमक उठती है। इसका जीता-जागता उदाहरण शहडोल जिले के जनपद शिक्षा केंद्र गोहपारू में देखने को मिला। विश्व दिव्यांग दिवस के उपलक्ष्य में यहाँ विकासखण्ड स्तरीय विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के लिए खेलकूद और पाठ्य सहगामी क्रियाओं का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
खेल और कला में बच्चों का उत्साह
कार्यक्रम में गोहपारू विकासखंड के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मैदान पर जहाँ बच्चों ने 50 मीटर और 100 मीटर दौड़ में अपनी रफ़्तार दिखाई, वहीं कुर्सी दौड़ में उनका अनुशासन और आनंद देखते ही बनता था। खेल के अलावा सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में भी बच्चे पीछे नहीं रहे। ड्राइंग, पेंटिंग और मेहंदी प्रतियोगिता में नन्हे हाथों ने अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से उकेरा। गायन और नृत्य प्रतियोगिता में बच्चों की प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गर्म कपड़े और भोजन का वितरण
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया। ठंड के मौसम को देखते हुए आयोजकों द्वारा बच्चों को विशेष उपहार स्वरूप गर्म कपड़े वितरित किए गए। साथ ही सभी बच्चों के लिए सुरुचिपूर्ण भोजन की व्यवस्था भी की गई थी, जिसका बच्चों ने आनंद उठाया।
अतिथियों ने बढ़ाया बच्चों का मान
इस गरिमामयी आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि जनपद सदस्य शैलजा सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में गोहपारू तहसीलदार दिव्या सिंह उपस्थित रहीं। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा केन्द्र शहडोल के एपीसी विनोद प्रधान, आर.आई. गोहपारू गणेश पाण्डेय और बीआरसी लक्ष्मीकांत द्विवेदी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और बच्चों का मनोबल बढ़ाया।
इनकी रही सराहनीय उपस्थिति
आयोजन को सफल बनाने में विजय सिंह, सुशील सिंह, राम सिंह, राजेन्द्र सोनी, धनीराम अहिरवार, परमानंद यादव, राकेश बुनकर, के.के. शर्मा, संतोष प्रजापति, दीना सिंह, देवसिंह सहित समस्त जनशिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।











